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Hisar News: हिसार के 120 श्रद्धालु नूंह से लौटे सुरक्षित , धार्मिक स्थलों पर बढ़ाई गई सुरक्षा

Hisar News:- नूंह ब्रजमंडल की यात्रा पर गए जिले के 120 श्रद्धालु मंगलवार तड़के करीब 3 बजे रोडवेज की खास बसों से सकुशल वापस आए। हांसी और हिसार में विभिन्न संस्थाओं ने इसके बाद बैठक की। यह निर्णय लिया गया कि बुधवार को डीसी को नूंह को जलाने वालों को गिरफ्तार करने के लिए पत्र भेजा जाएगा। एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने धार्मिक स्थानों पर भी पुलिस बल लगाया है।

गोलीबारी में छह घंटे फंसे रहे

यात्रा से लौटे विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री रविंद्र गोयल ने बताया कि हमारी एक बस को जला दिया गया था। हम गोलीबारी में छह घंटे तक फंसे रहे। हम भी लाइसेंसी हथियार रखते थे। इससे हम उनका मुकाबला कर सके। हमने सीएम हाउस में फोन करने के छह घंटे बाद भी सुरक्षा नहीं मिली, ऐसा आरोप है। इस पूरी घटना में मुख्यमंत्री फेलियर हैं। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर भारी सुरक्षा बलों की आवश्यकता थी। एक चौक पर केवल पांच पुलिसकर्मी थे। गोलियां चलने पर वह भी चले गए। उपद्रवियों ने हमारी बस को धक्का दिया। मंगलवार को जिंदल चौक स्थित लाहौरिया चौक पर भी पुलिस बल तैनात किया गया था।

नूंह घटना के खिलाफ व्यापारिक, धार्मिक और सामाजिक संगठन एकजुट हो गए। नूंह जिले की घटना को लेकर आर्य समाज मंदिर में सर्वसमाज के जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। महंत सागरनाथ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जैसा कि हिंदू महासभा के अध्यक्ष व सब्ज़ी मंडी व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान अनिल चावला ने बताया, बैठक ने निर्णय लिया कि बुधवार को सुबह दस बजे शहीद स्मारक पर सभी समाज के लोग एकत्रित होंगे। एसडीएम को सीएम के नाम पत्र मिलेगा। सभा में जाट धर्मशाला के प्रधान रणधीर दलाल, यादव धर्मशाला के प्रधान दिलबाग यादव, आंबेडकर सभा से प्रवीन वाल्मीकि, पंचायती रामलीला से सुरेश बंसल, सुभाष ड्रामेटिक क्लब सुभाष, माता मंदिर, मुलतान कॉलोनी से जसवंत वासुदेवा, खत्री एकता समिति से विनोद जुनेजा, आर्ट ऑफ लिविंग से डॉ. वीएम लीखा, काली देवी मंदिर से हनुमान

भ्रम फैलाने और सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई होगी

ADG श्रीकांत जाधव ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने और सामाजिक सौहार्द को खराब करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करें। मंदिरों और मस्जिदों के आसपास लगातार पेट्रोलिंग करके सुरक्षा प्रदान करें। सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील स्थानों और व्यक्तियों की पहचान करें। साइबर सेल और गुप्तचर इकाई मिलकर काम करे। विरोध प्रदर्शन करने पर उचित पुलिस बल का उपयोग करें। तनावपूर्ण क्षेत्रों में एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके सिविल प्रशासन से समन्वय बनाया जाए।

 

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